5 Sep 2012

सर्च एंजिन अप्टिमिज़ेशन क्या है? ओर इसके कार्य

Posted by: Mohammad Sazid

सर्च एंजिन से बेसिकली मतलब है की सॉफ्टवेर का एक सेट होता है जिसके पास अपने डाटा सेंटर्स मे दुनिया की तमाम साइट्स के इकट्ठा की हुई इन्फर्मेशन होती है. जब भी कोई यूज़र या नेट सरफर उसके सर्च बॉक्स मे जाकर कोई भी टर्म सर्च करता है सर्च एंजिन की भासा मे सर्च टर्म कोई क्वीरी केहते है करता है ओर जैसे ही सर्च बूट्तें पर क्लिक करता है. सर्च एंजिन्स क्रॉलर जाता है ओर उस क्वीरी के सबसे ज्यादा रेलवेंट रिज़ल्ट्स जो होते है उन्हे यूज़र को सर्च पेज पर सेकेंड के भी वन फोर्त हिस्से मे लकर यूज़र को दिखता है.

search engine crawler


क्रॉलिंग कॅशिंग इंडेक्सिंग


सबसे पेहले मे आपको ये बता दु की क्रॉलर है क्या?. हर सर्च एंजिन का अपना एक क्रॉलर होता है. जिसे हम स्पाइडर भी कहते है. बेसिकली क्रॉलर जो है वो किसी वेबसाइट पर जाता है ओर वो उस वेबसाइट की रूट डाइरेक्टरी से क्रॉल करना स्टार्ट करता है ओर वेबसाइट पर जहा जहा उसे फॉलो लिंक्स मिलते है उँक लिंक्स के द्वारा वो इन्नर पेजस को क्रॉल कर के चला जाता है. होता यू है की दुनिया भर मे करोड़ से भी ज्यादा वेबसाइट है तोअ य क्रॉलर जो होते है वो किसी वेबसाइट पर सेकेंड के वन फौर्थ हिस्से से भी कम वक़्त के लिये आते है ओर क्रॉल कर के चले जाते है. इस प्रक्रिया को क्रॉलिंग केहते है.

caching (cache) bhi search engine ka hi ek process hai jisme crawller ke dwara crawl page ka search engine ek snapshot create karta hai jo ki same waisa hi hota hai jisa ki wo page hai usme sari information waisi hi hoti hai jaise actual page me hoti hai snapshot me date or time  include hota hai kab search engine ke crawler ne is page ko crawl kiya hai or us par ek link or hota hai jo users ko batata hai ki is page currant time me kaisa dikhta hai.

Indexing(index) search engine ke nazariye se bahoot hi mahatvpoorn hai jisme search engine ye decide karta hai ki is page ki jo information hai wo use kaha save kare taki jab bhi koi user is term ko search kare tab me use ye result show kar sakoo.
search engines ne apne data centers me lakho catagory banai hoti hai jisse use kisi bhi page ko jald se jald find karne me aasani hoa. crawl kiye huye data ko sahi catagory me dalna hi indexing kehlata hai.

sometime koi page pehle index hota hai or baad me cache hota hai. lekin basically pehle crawl hota hai than cache and than index hota hai.

search engine inhi teeno moolbhoot chigo ko poora kar users ko results show karata hai


Note: please give your valuable comments . taki me is blog ko or jyada user beneficial bana sakoo or isme kuch na kuch nayaa add kar sakoo
Thanx......